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जैसा कि आप टाइटल देख ही चुके है कि आज हम बात करेंगे विटामिन-D के बारे में।
वैसे तो हमारे शरीर के लिए अलग-अलग विटामिन की जरूरत होती है और हमारे शरीर को सुचारु रूप से चलाने और साथ ही उससे मजबूत बनाने के लिए हमें विटामिन लेने की जरूरत होती है।
विटामिन की कमी को दूर करने के लिए टेबलेट्स भी आती है पर रोज़ाना हमारे द्वारा खाये गए खाने के साथ भी विटामिन की कमी को पूरा कर सकते है और वो भी बहुत आसानी से।
लेकिन फिर भी आज कि इस दौड़-भाग वाली जिंदगी में हम अपने खाने-पीने पर ध्यान नहीं दे पाते और हमारे शरीर में विटामिन की कमी हो जाती है जिसका सीधा-सीधा असर हमारी रोजाना की जिंदगी या फिर हमारी सेहत पर पड़ता हैं। आज हम सिर्फ विटामिन-D के बारे में बात करेंगे तो पहले हम ये जानते है कि-
विटामिन-D कि कमी होने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?
इसका सबसे ज्यादा प्रभाव हमारी इम्युनिटी पावर पर पड़ता है जिससे व्यक्ति जल्दी बीमार पड़ने लग जाता हैं। रात में नींद नहीं आना, हर समय थकान, डिप्रेशन और मूड ख़राब रहना, पीठ और शरीर में दर्द होना, बालों का झड़ना, अगर हमारे शरीर में कोई निशान या कोई घाव हो तो उनके ठीक होने की गति धीरे हो जाना,शरीर द्वारा कैल्शियम को सही से नहीं सोखना जिससे हमारे हड्डियों में दर्द होना विटामिन-D की कमी से होते हैं।
इस विटामिन की कमी से दिमागी ताकत भी कम हो जाती है जिससे पाचन में गड़बड़ी और शरीर में कमजोरी महसूस होने लगती है।
व्यक्ति के खुश रहने के लिए, आपकी अच्छी स्किन और बालों की अच्छी सेहत के लिए और दिमाग को मजबूत करने के लिए, आपकी हड्डियों को ताकतवर बनाए रखने के लिए भी इस विटामिन का होना बहुत जरूरी है।
वैसे विटामिन-D की कमी उन लोगो में ज्यादा पायी जाती है जो लोग धूप में कम जाते है और थोड़ी देर के लिए धूप में जाने से भी हमारे शरीर में विटामिन-D की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता।
विटामिन-D की कमी को हम तीन तरीको से पूरा किया जा सकता है
1. खाना
2. सूरज कि रोशनी
3. दवाई या टेबलेट्स
हर व्यक्ति के शरीर में इस विटामिन की कमी होने के अलग-अलग पैमाने होते है, किसी के शरीर में कम तो किसी के शरीर में बहुत ज्यादा विटामिन-D कि कमी होती है।
तो सवाल ये उठता है कि इनकी जरूरतो को कैसा पूरा किया जा सकता है।
अगर हम खाने से शुरू करें तो वैसे तो अंडा, चिकन, दूध, मशरूम, मछली में विटामिन-D पाया जाता है पर समझने वाली बात ये है कि सिर्फ इन चीज़ो से हम एक दिन के विटामिन की जरूरतों को पूरा नहीं कर सकते है क्योकि इनमे विटामिन-D पाया तो जाता है पर बहुत कम मात्रा में।
अब हम SUNLIGHT की बात करें तो इससे भी हम काफी हद तक इस विटामिन की कमी को पूरा कर सकते हैं।
आम तौर पर SUNLIGHT में तीन प्रकार कि किरणे पायी जाती है-
1. UV-A , 2. UV-B, 3. UV-C
इन्हे SUNRAYS भी कहा जाता है।
लेकिन अब समझने वाली बात ये भी है कि सूरज की किरणे हमारे शरीर में विटामिन की कमी को तो पूरा करती है पर इन किरणों में हमारे स्किन को ख़राब करने की भी क्षमता होती है। इसलिए जब भी हम धूप लेते है तो इस बात को जानना भी जरूरी होता है कि धूप लेने का सही तरीका क्या होता है?
सबसे पहले तो ये कि जिन लोगो के स्किन का रंग जितना हल्का होता है उनकी स्किन में विटामिन-D उतना ही जल्दी PRODUCE होता है और थोड़ी गहरे रंग की स्किन में थोड़ा ज्यादा समय लगता है ऐसा इसलिए होता है क्योकि जिन लोगो कि स्किन ज्यादा DARK होती है उनमे मिलामिन की मात्रा ज्यादा होती है और ये मिलामिन सूरज की किरणों को स्किन में जाने से रोकता है ताकि स्किन को कोई नुकसान न होये इसलिए ज्यादा समय लगता हैं।
और दूसरी बात ये है कि धूप जितनी तेज होती है आपका शरीर में विटामिन-D भी उतना ही जल्दी बनता है और तेज धूप शरीर को जल्दी और ज्यादा नुकसान पंहुचा सकती है।
इसलिए भले ही थोड़ा वक़्त ज्यादा लगे पर विटामिन-D की कमी को पूरा करने के लिए हमें हमेशा सुबह या फिर शाम की धूप को ही लेना चाहिए क्योकि इस वक़्त की धूप ज्यादा सुरक्षित और साथ में कम भी होती हैं।
शरीर को विटामिन-D बनाने के लिए सूरज की किरणों का स्किन पर पड़ना बहुत जरूरी होता है इसलिए इस वक़्त कपडे थोड़ा पतले, हलके और हलके रंग के पहनने चाहिए और साथ में इस वक़्त आपको अपनी स्किन पर SUNSCREEN या कोई LOTION नहीं लगाना चाहिए क्योकि ये किरणों को स्किन में जाने से रोक देता है जिससे विटामिन-D को बनने में और ज्यादा समय लग सकता है।
वैसे काफी स्थितियों में 15 या फिर कई बार 20-25 मिनट्स भी लग जाते है विटामिन-D बनने में। ये आपके स्किन की सहनशक्ति और सूरज की तीव्रता पर भी निर्भर करता है पर आमतौर पर जब आपको पसीना आना शुरू हो जाये तो समझ लीजिये कि आपका काम हो चुका है।
वैसे ये बात भी समझने जैसे है कि भारत के कई हिस्से ऐसे जहाँ पर सर्दी के मौसम में कई महीनों तक सूरज की किरणे देखने को नहीं मिलती और या फिर कई लोगो का काम ऐसा होता है कि उनके पास इतना समय नहीं होता कि पर्याप्त मात्रा में धूप ले सकें।
हमारे शरीर को हर दिन लगभग 15-20Mcg यानि कि 600-800 IU विटामिन-D की जरूरत पड़ती हैं।
अब जो लोग अक्सर ही धूप में निकलते है उनके शरीर में बहुत ज्यादा विटामिन-D की कमी नहीं होती है इसलिए उन्हें सिर्फ एक या दो दिन की जरूरतों को पूरा करना होता है जिसे थोड़ी देर धूप में बिताकर आसानी से पूरा किया जा सकता है लेकिन जिन लोगो का महीनों या फिर लम्बे समय से ठीक से धूप का सामना नहीं हुआ है ऐसे लोगो के शरीर में विटामिन-D की ज्यादा कमी हो जाती है और ऐसे में अगर कोई व्यक्ति इस कमी को पूरा करने के लिए सूरज की किरणों का सहारा लेता है तो उसके लिए उसे बहुत ज्यादा देर के लिए धूप में बैठना होगा जिससे उन्हें शरीर को धूप से होने वाले नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता हैं।
धुप में बहुत ज्यादा देर बिताने से सिरदर्द, चक्कर-आना, स्किन का काला पड़ना और स्किन के एजिंग प्रोसेस तेज हो जाना जिससे चेहरे पर झुर्रियां आना और कई बार स्किन जल जाने जैसी समस्या भी देखने को मिल सकती हैं।
और ऐसे ही जगह पर SUPPLEMENTS काम आते है क्योकि इनके रूप में जो विटामिन-D आता है वो अलग-अलग DOSES में मौजूद होता है।
कुछ विटामिन-D की दवाई ऐसे भी होती है जिससे कि 10 दिन तक की कमी को पूरा किया जा सकता हैं इसलिए जिन लोगो के शरीर में विटामिन-D की ज्यादा कमी होती है उनके लिए SUPPLEMENTS के जरिये इस कमी को पूरा करना ज्यादा आसान हो जाता है।
अब इस बात को समझिये की आपको अगर ऐसा लगता है कि आप धूप में नहीं निकल पाते है तो बहुत ज्यादा उम्मीद है कि आपके शरीर में विटामिन-D की कमी हो चुकी है लेकिन फिर भी CONFIRMATION के लिए आपको अपना BLOOD-TEST करवाना चाहिए और जितनी आपके शरीर में विटामिन-D कि कमी हुई है उसी हिसाब से डॉक्टर की सलाह लेकर जितने विटामिन-D कि DOSE की जरुरत हो उतना लेना चाहिए।
दो से तीन महीने उन SUPPLEMENTS का इस्तेमाल करके आपको दुबारा BLOOD-TEST करवाना चाहिए और अगर खून में विटामिन-D का लेवल नार्मल हो जाता है तो SUPPLEMENTS का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए और सिर्फ धूप और खाने के द्वारा ही विटामिन-D की कमी को पूरा करना चाहिए क्योकि सूरज की रौशनी कुदरत का दिया वो तौहफा है जिसका हर किसी को फायदा उठाना चाहिए क्योकि सही समय और सही तरीके से इससे सिर्फ विटामिन-D की ही कमी पूरी नहीं होती बल्कि ये शरीर को और भी कई सारे फायदे पहुंचाता हैं।
तो दोस्तों मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको मेरा ये ब्लॉग पसंद आया होगा और आने वाले ब्लॉग में मैं ये बताऊंगा कि कौन-कौन से ऐसे SUPPLEMENTS है जिनसे विटामिन-D की कमी को पूरा किया जा सकता हैं?
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