WHAT IS BLACK HOLE? ब्लैक होल क्या हैं?

                                                                          WHAT IS BLACK HOLE?

नमस्कार दोस्तों स्वागत आप सभी का मेरे ब्लॉगHarsh Web पर तो आज के इस ब्लॉग में हम बात करेंगे में ब्लैक होल के बारे में-

तो दोस्तों हमारी इस गैलेक्सी में बहुत सारे सुपर मैसिव ब्लैक होल है वैसे इसको हम यूँ भी समझ सकते है की एक होते है छोटे ब्लैक होल्स और एक होते है बड़े ब्लैक होल्स। तो ये कनेक्शन की ये सभी सुपर मैसिव ब्लैक होल्स का निर्माण हुआ कैसे? और साथ में की इस सुपर मैसिव ब्लैक होल्स का गैलेक्सी से क्या लेना देना है मतलब की FORMATION OF GALAXY कैसे हुई इसको अभी तक वैज्ञानिक भी पूरी तरह से समझ नहीं पाए है। 

ये बहुत हद तक संभव है की इन सभी ब्लैक होल्स का बहुत बड़ा योगदान रहा हो हमारी गैलेक्सी को बनाने में। 

लेकिन दोस्तों यहाँ पर सवाल ये खड़ा होता है की पहले कौन आया होगा? ये वही वाली स्थिति बन जाती है की मुर्गी पहले आयी या अंडा पहले आया वैसे ही ब्लैक होल्स पहले आये या गैलेक्सी पहले आयी? इस सवाल का जवाब अभी तक वैज्ञानिकों के पास भी नहीं था। 

लेकिन जैसे-जैसे हम तकनीकी रूप से सक्षम होते जा रहे है वैसे-वैसे चीज़े सामने आती जा रही है कुछ सेंसिटिव इंस्ट्रूमेंट आते जा रहे है जिनसे चीज़े अब खुल रही है और इसलिए एक अभी नयी खोज जिसे हम कह सकते है हुई है की दो ब्लैक होल्स मर्ज हुए है तो हम ये जानेंगे की ये चीज़े डिटेक्ट कैसे होती है? 

तो नमस्कार दोस्तों मैं हर्षित स्वागत करता हूँ आप सभी का मेरे ब्लॉग Harsh Web पर तो चलिए शुरू करते हैं-

                                                               MERGED 

MERGED जिसको हम हिंदी में विलय भी बोलते है। 

तो दोस्तों अरबो सालो पहले, दो ब्लैक होल के बीच टकराव ने ब्रह्माण्ड के माध्यम से, तरंगित गुरुत्वाकर्षण तरंगे भेजी। 2019 में, गुरुत्वाकर्षण तरंग वेधशाला LIGO(संयुक्त राज्य अमेरिका) और डिटेक्टर VERGO (इटली) में इन तरंगो के संकेतो का पता लगाया गया था। हालाँकि, वैज्ञानिकों ने जो उत्साहित किया है, वह मूल ब्लैक होल में से एक का द्रव्यमान है,जो कि ब्लैक होल कैसे बनता है, के पारम्परिक ज्ञान को सीधा सीधा जवाब देता है या धता बताता है। 

तो दोस्तों ये जो हरकते जो हमारी गैलेक्सी में होती है ऐसा नहीं है की ये चीज़े पहले नहीं होती थी ये पहले भी होती थी लेकिन पहले हमारे पास इतने संसाधन नहीं थे जिनसे हम इनको पहचान सके पर आज जब तकनिकी इतनी आगे बढ़ गयी है और जैसे मैंने ऊपर बताया की अमेरिका और इटली में अब ऑब्जर्वेटरी बना ली गयी है जिनसे अब इनको पहचाना जा सकता है। 

ये ब्लैक होल वैसे तो पृथ्वी से बहुत दूरी पर होते है और जब ये मर्ज होते है तो इनमे भयानक ऊर्जा भी नकलती हैं पर पृथ्वी पर इसका ज्यादा असर इसलिए नहीं होता क्योकि जब तक इनकी ये किरणे या फिर ऊर्जा पृथ्वी तक पहुँचती है तब तक ये बहुत ही काम हो जाती हैं। और इसलिए हम यानी की धरतीवासी इन चीज़ो या हरकतों को ज्यादा महसूस नहीं करते। 

इसलिए अब ये खोज और इसका विश्लेषण दो शोध पत्रों में वर्णित है। 

1. एक, भौतिक समीक्षा पत्रों में, खोज का विवरण देता है और संभावित तरीकों का प्रस्ताव करता है जिसमे असामान्य विलय हो सकता है 

2 . और दूसरा पत्र ASTROPHYSICAL जर्नल लेटर्स में अन्य पेपर, सिग्नल के भौतिक गुणों पर चर्चा करता है। 


अब हम जानते है कि वास्तव में पता क्या चला था? 

                            WHAT EXACTLY WAS DETECTED?

यह एक गुरुत्वाकर्षण तरंग से एक संकेत थे, एक सम्बंधित रूप से नए क्षेत्र की खोज।  अपेक्षाकृत गुरुत्वाकर्षण तरंगे अद्रश्य तरंगे होती है जो किसी सुपरनोवा में किसी तारे के फटने पर बनती है; जब दो बड़े तारे एक दूसरे की परिकृमा करते है; और जब दो ब्लैक होल विलीन हो जाते है। 

प्रकाश की गति से यात्रा करते हुए, गुरुत्वाकर्षण तरंगे अपने रास्ते  में आने वाली किसी भी चीज़ को निचोड़ती और खींचती है। 

                                      WHERE DID IT COME FROM?

बाद के विश्लेषण ने सुझाव दिया कि GW190521 दो ब्लैक होल के विलय से उत्पन्न होने की सम्भावना है। 

संकेत संभवतः उस पल का प्रतिनिधित्व करता है जब दोनों का विलय हो गया। इसकी गणना लगभग 17 अरब प्रकाश वर्ष दूर से हुई थी, और उस समय से जब ब्रह्माण्ड अपनी आयु से लगभग आधा था। लेकिन इन निष्कर्षों ने और सवाल खड़े कर दिए। दो विलय वाले ब्लैक होल में से एक "मध्यवर्ती द्रव्यमान" श्रेणी में आता है- एक मिसफिट जिसे ब्लैक होल के रूप के पारम्परिक ज्ञान द्वारा समझाया नहीं जा सकता है।

                                            WHY IS IT UNUSUAL?

अब तक देखे गए सभी ब्लैक होल दो श्रेणियों में से किसी एक के है। एक श्रेणी कुछ सौर द्रव्यमानों(एक सौर द्रव्यमान हमारे सूर्य का द्रव्यमान है) और Tens of Solar के बीच होती है। ऐसा माना जाता है कि जब बड़े तारे मरते है तो ये बनते है। 

दूसरी श्रेणी सुपरमैसिव ब्लैक होल की है। ये हमारे सूर्य के सैकड़ो हज़ारों से लेकर अरबो गुना तक है। 

पारम्परिक ज्ञान के अनुसार, 65 और 120 सौर द्रव्यमान के बीच ब्लैक होल को जन्म देने वाले तारे ऐसा नहीं करते है- इस श्रेणी के तारे मरने पर खुद को अलग कर लेते है, बिना ब्लैक होल में गिरे। 

लेकिन विलय में GW190521 सिग्नल की और अग्रसर, बड़ा ब्लैक होल 85 सौर द्रव्यमान का था- इस अप्रत्याशित सिमा के भीतर, जिसे जोड़ी अस्थिरता द्रव्यमान अंतर के रूप में जाना जाता है। 

यह अब तक देखा गया "मध्यवर्ती द्रव्यमान" ब्लैक होल है। (वास्तव में, छोटा ब्लैक होल भी सीमा रेखा है, 66 सौर द्रव्यमान पर।)

                 HOW COULD THE BLACK HOLE OF UNUSUAL MASS HAVE FORMED?

शोधकर्ताओं का सुझाव है कि 85-सौर-द्रव्यमान वाला ब्लैक होल एक ढहते हुए तारे का उत्पाद नहीं था, बल्कि स्वयं पिछले विलय का परिणाम था। 

दो ब्लैक होल के बीच टकराव से निर्मित, यह सम्भावना है कि नया ब्लैक होल तब 66-सौर-द्रव्यमान वाले ब्लैक होल में विलीन हो जाएगा- जिससे गुरुत्वाकर्षण तरंगे और LIGO और VIRGO द्वारा प्राप्त संकेत प्राप्त होगा। 

इसमें जो एक Range नापी गयी है 65 और 120 इसको लेकर वैज्ञानिकों ने कहा है की ये जो हमारा पारम्परिक ज्ञान है मतलब की जो हम जानते थे उससे बहुत अलग और ज्यादा है इसलिए ये एक बहुत बड़ी खोज बताई जा रही है और इससे हम  अंदाज़ा लगा सकते है कि हमारी गैलेक्सी कितनी ज्यादा आगे है और बहुत ही सारे Fact जो अभी हम नहीं जानते है उनको भी अभी हमें जानना हैं। 

तो मैं उम्मीद करता हूँ की आप सभी को मेरा ये ब्लॉग पसंद आया होगा अगर आपको ये पसंद आया तो आप हमें फॉलो भी कर सकते है और साथ में मेरे और भी बहुत सारे ब्लोग्स को पढ़ सकते है। 

तो मिलते हैं आपसे अपने अगले ब्लॉग में तब तक के लिए शुक्रिया।👉 FOLLOW

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